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लखनऊ। बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी करने के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने वालों को शिक्षक बनने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। राज्य सरकार इन्हें नियुक्ति देने से पहले उत्तर प्रदेश अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन करेगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांग लिया गया है।
यूपी में पहले बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग करने वालों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक की सीधे नियुक्ति दी जाती रही है। पर यूपी में 27 जुलाई 2011 को शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग करने वालों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले वर्ष 2004 के शेष बचे बीटीसी वालों व वर्ष 2007-08 के विशिष्ट बीटीसी करने वालों पर भी इसकी अनिवार्यता लागू हो गई। ऐसे अभ्यर्थियों ने टीईटी तो उत्तीर्ण कर ली है लेकिन उन्हें नियमावली बदलने के बाद ही सहायक अध्यापक बनाया जा सकेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि चूंकि पूर्ववर्ती सरकार ने शिक्षक बनने के लिए टीईटी की मेरिट को अनिवार्य किया था, लेकिन अब शैक्षिक मेरिट को अनिवार्य किया गया है। इसलिए नियमावली में संशोधन हुए बिना बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी वालों को शिक्षक नहीं बनाया जा सकता है।
•नियमावली संशोधन होने के बाद ही बन सकेंगे शिक्षक
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