अजमेर.राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त (आरएएस) प्रतियोगी परीक्षा में अब केवल 5 ही पेपर होंगे। स्केलिंग भी अब खत्म हो गई है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्यपाल ने भी नए प्रारूप को हरी झंडी दे दी है। ये नियम 2013 की परीक्षा से लागू होंगे। राजभवन से जारी अधिसूचना मंगलवार को आरपीएससी को प्राप्त हो गई है। इसके मुताबिक इन नियमों का नाम राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती द्वारा) रहेगा। यह प्रारंभिक (प्री) और मुख्य (मेन) परीक्षा के स्वरूप में ही होगी। अब तक इनमें जो 78 प्रश्न पत्र होते थे, वे अब 5 ही रह गए हैं।सामान्य अध्ययन व सामान्य विज्ञान के 2 पेपरों की जगह 3 पेपर होंगे। प्री-परीक्षा अब इसमें दो के बजाय एक ही पेपर लिया जाएगा जो सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान का होगा। 200 अंकों के प्रश्न-पत्र के लिए3 घंटे का समय मिलेगा। यह वस्तुनिष्ठ परीक्षा केवल स्क्रीनिंग के लिए होगी। पहले प्री-परीक्षा में 37 वैकल्पिक विषयों
के पेपर भी होते थे।
ऐसी होगी मुख्य परीक्षा मुख्य परीक्षा में केवल 4 पेपर होंगे जो अनिवार्य होंगे। ये डिस्क्रिप्टिव टाइप (वर्णनात्मक) के होंगे। इनमें संक्षिप्त, मध्यम व दीर्घ उत्तर वाले प्रश्न भी होंगे। सामान्य हिंदी व सामान्य अंग्रेजी सीनियर सैकंडरी स्तर की होगी। समय तीन घंटे का होगा। पहले के पैटर्न में कुल 78 पेपर होते थे जो चयनात्मक थे। ये होंगे प्रश्न पत्र प्रश्न पत्र व निर्धारित अंक सामान्य अध्ययन प्रथम: 200 सामान्य अध्ययन द्वितीय: 200 सामान्य अध्ययन तृतीय: 200 सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी: 200 अधिसूचना मिली, 2013 से लागू होगी
-आरएएस परीक्षा पर जारी अधिसूचना आयोग को मिल गई है। नए नियम 2013 से लागू होंगे। 2012 की परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही होगी। डॉ. के के पाठक, सचिव, राजस्थान लोक सेवा आयोग काफी अध्ययन हुआ था नए प्रारूप के लिए आरपीएससी ने आरएएस परीक्षा के पैटर्न में बदलाव के लिए देश के कई आयोगों की परीक्षा प्रणाली का अध्ययन किया। फिर विशेषज्ञ समिति गठित की। आयोग की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री व कैबिनेट ने हरी झंडी दी। अब राज्यपाल की भी मंजूरी मिल गई है।
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