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Wednesday, 12 September 2012

आप्प दीपो भव


आज कोर्ट की कार्यवाही के उपरान्त मुझे भगवान बुद्ध की ये पंक्तियाँ आज मुझे बारम्बार याद आ रही हैं, अपने आप को स्वयं प्रकाशित करो . कृपया मुझे कुछ सवालों के जवाब दे 
क्या आपकी जगह टी.ई.टी. परीक्षा किसी और ने दी थी?
क्या आपके आवेदन  पत्रों  को  भेजने  और ड्राफ्ट  का खर्च किसी और ने उठाया था.
क्या आपकी मियुक्ति के बाद आपकी जगह कोई और वेतन पाता?
उत्तर होगा नहीं. 
जब आप परीक्षा ,आवेदन  करना आदि सभी कार्यो में खुद सक्रिय थे तब आज आप किसी दूसरे से उम्मीद क्यों पाल के बैठे है वो आपको  घर बैठे मुकदमा जीता  देंगे.
आज इसी अनुकरण वादी प्रवृत्ति का नतीजा है कि हमारा पक्ष मजबूत होते हुए भी हम हार के कगार पर खड़े है, अब मै झूठी आत्ममुग्धता नहीं पालूंगा .
इस मसले का शुरू से केवल और केवल एक ही हल था कोर्ट द्वारा मामले का समाधान, चाहे अंततः सर्वोच्च  न्यायालय क्यों नहीं जाना पड़ता .जब स्थगन आदेश आया था तभी से हमारी सभी चाले आत्मघाती साबित हुई.जैसे मुख्यमंत्री जी की गणेश  परिक्रमा करना ,फल क्या हुआ उस मुलाकात का .12 जुलाई के आन्दोलन में सभी के नजरो में गिर जाना ,हमारे नेता जिस सरकार से हमें टी ई टी मेरिट की याचना करनी थी उसे ही टीवी पर टेस्ट ट्यूब बेबी सरकार बताते रहे.हमें टी ई टी मेरिट मिली चाहे ना मिली उनकी राजनैतिक महत्वकांक्षाए जरूर संतुष्ट होती रही ,जैसे मेरे ही जिले के टी .ई.संघर्ष मोर्चा के स्वयंभू  प्रदेश संरक्षक ,जो मोर्चे की हर मीटिंग में धन तो उगाहते है ,पर आज तक हिसाब नहीं दिया .
अब बात करे वकीलों के मोर्चे पर असफलता की .हमारे एक वकील महोदय पुलिस भर्ती में वर्तमान सत्ताशीन पार्टी की सरकार द्वारा नियुक्त  लोगो को न्याय दिलवा चुके है,प्रारंभ से ही वह ऐन मौके पर   प्रायः कोर्ट से गायब हो जाते है ,शरू में वह एकेडेमिक मेरिट की ओर से एक केस हार चुके है.उसके बाद भी उन्हें वकील रखा गया?
हमारे दूसरे वकील साहब की (जो मोटी फीस लेने के बाद एक बार भी कोर्ट नहीं आये ) की सपा सुप्रीमो से बहुत बढ़िया मित्रता है.
हमारे तीसरे और नवनियुक्त वकील साहब शशि नंदन जी  के भाई सपा की ओर से २००२ में विधान सभा प्रत्याशी थे .
मित्रो ऐसे लोगो से हम कैसे उम्मीद कर सकते है वो सरकार को नाखुश करके हमें हमारा वाजिब हक दिलाएंगे.
आज तक मै संगठन की एकता के नाम पर चुप था,पर आज लग रहा है की ये संगठन कुछ लोगो के व्यक्तिगत महत्वकांक्षा का मंच मात्र था ,कोर्ट केस देख रहे लोगो में  एक से एक अहमवादी है जिन्होंने मात्र अपने अहम की संतुष्टि के लिए गलत फैसले लिए(जैसे शिव कुमार पाठक )  और नतीजा सामने है. ये तो हुआ इतिहास अब आगे क्या?
क्या हमारी उम्मीदे समाप्त हो गयी हैं ?
इसका उत्तर है नहीं .मित्रो हमें न्याय केवल और केवल सर्वोच्च न्यायलय से मिलेगा( मै किसी आत्ममुग्धता का शिकार नहीं रहना चाहता हु) ,अगर हम हाई कोर्ट से जीते तो सरकार हमें वहा ले के जायेगी ,और अगर हम यहाँ हारे ता हम स्वतः ही जायेंगे.
अगर ये भर्ती हाई कोर्ट अपने पर्यवेक्षण में नया विज्ञापन निकलवा के करा देता है तो सुप्रीम कोर्ट से भी केवल उन्ही लोगो को न्याय मिलेगा जिनके नाम रिट में शामिल होंगे.
मित्रो हम देवरिया जिले के 8 लोग नयी रिट करने की योजना बना रहे है इसमें अन्य जिलो के भी भाई शमिल है. सुप्रीम कोर्ट में भी हाई कोर्ट के सिगल बेंच में डाली गयी रिट के कागजो पर बहस होती है अतः हमें सिंगल बेंच में ऐसा वकील करना है जो हमरे रिट की मजबूत ड्राफ्टिंग कर सके और जो professional हो .ऐसे ही एक वकील लखनऊ बेंच के प्रशांत चंद्रा जी है जिनकी फीस 100000 रुपये है अतः  हमें आवश्यकता है ऐसे  tet merit के सिपाहियों की जो हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम  कोर्ट तक 15000 से 20000 रुपये खर्च कर सके और बुलाने पर कम से कम २ बार लखनऊ और २ बार दिल्ली आ सके .प्रशांत चंद्रा जी ऐसे वकील है जिन्हें बहस करने के लिए खोजना नहीं पड़ता है केस के समय वो खुद ही पहुच जाते है..याद रखे हमारे साथ जुड़ने कि निम्नलिखित शर्ते है -
१.यहाँ पर सभी कार्यकर्ता होंगे कोई नेता नहीं होगा.हमें केवल इंजिनों  की जरुरत है डिब्बो की नहीं.
२. अपना अहम सभी अपने घर छोड़कर आयेंगे.
३.अपने हिस्से का पैसा लोग खुद ही वकील को अपने हाथों  से देंगे. 
४.किसी के अकाउंट में एक पैसा नहीं लिया जायेगा ना ही किसी व्यक्ति को नगद दिया जायेगा.
५.पैसा देने वाले प्रत्येक व्क्यति का नाम रिट में शामिल होगा इसके लिए उसे खुद आकर वकालतनामा साइन करना होगा. अतः मित्र से पैसे नहीं भेजे,खुद आये.
कृपया हमसे http://www.facebook.com/groups/332271576860205/ पर  जुड़े  या 8004360279 पर प्रातः 11 बजे से  काल  करे.इसके लिए एक मीटिंग लखनऊ में 22 सितम्बर को रखी गयी है उसी दिन ही रिट भी  ड्राफ्ट होगी ताकि 24 सितम्बर को नयी रिट दाखिल की जा सके.






Wednesday, 15 August 2012

RPSC: RAS के नए पैटर्न को मिली मंजूरी,अब होंगे केवल पांच पेपर

 अजमेर.राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा संयुक्त (आरएएस) प्रतियोगी परीक्षा में अब केवल 5 ही पेपर होंगे। स्केलिंग भी अब खत्म हो गई है कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्यपाल ने भी नए प्रारूप को हरी झंडी दे दी है। ये नियम 2013 की परीक्षा से लागू होंगे। राजभवन से जारी अधिसूचना मंगलवार को आरपीएससी को प्राप्त हो गई है। इसके मुताबिक इन नियमों का नाम राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवा (संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा सीधी भर्ती द्वारा) रहेगा। यह प्रारंभिक (प्री) और मुख्य (मेन) परीक्षा के स्वरूप में ही होगी। अब तक इनमें जो 78 प्रश्न पत्र होते थे, वे अब 5 ही रह गए हैं।सामान्य अध्ययन व सामान्य विज्ञान के 2 पेपरों की जगह 3 पेपर होंगे। प्री-परीक्षा अब इसमें दो के बजाय एक ही पेपर लिया जाएगा जो सामान्य ज्ञान एवं सामान्य विज्ञान का होगा। 200 अंकों के प्रश्न-पत्र के लिए3 घंटे का समय मिलेगा। यह वस्तुनिष्ठ परीक्षा केवल स्क्रीनिंग के लिए होगी। पहले प्री-परीक्षा में 37 वैकल्पिक विषयों
 के पेपर भी होते थे।

ऐसी होगी मुख्य परीक्षा मुख्य परीक्षा में केवल 4 पेपर होंगे जो अनिवार्य होंगे। ये डिस्क्रिप्टिव टाइप (वर्णनात्मक) के होंगे। इनमें संक्षिप्त, मध्यम व दीर्घ उत्तर वाले प्रश्न भी होंगे। सामान्य हिंदी व सामान्य अंग्रेजी सीनियर सैकंडरी स्तर की होगी। समय तीन घंटे का होगा। पहले के पैटर्न में कुल 78 पेपर होते थे जो चयनात्मक थे। ये होंगे प्रश्न पत्र प्रश्न पत्र व निर्धारित अंक सामान्य अध्ययन प्रथम: 200 सामान्य अध्ययन द्वितीय: 200 सामान्य अध्ययन तृतीय: 200 सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी: 200 अधिसूचना मिली, 2013 से लागू होगी
-आरएएस परीक्षा पर जारी अधिसूचना आयोग को मिल गई है। नए नियम 2013 से लागू होंगे। 2012 की परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही होगी। डॉ. के के पाठक, सचिव, राजस्थान लोक सेवा आयोग काफी अध्ययन हुआ था नए प्रारूप के लिए आरपीएससी ने आरएएस परीक्षा के पैटर्न में बदलाव के लिए देश के कई आयोगों की परीक्षा प्रणाली का अध्ययन किया। फिर विशेषज्ञ समिति गठित की। आयोग की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री व कैबिनेट ने हरी झंडी दी। अब राज्यपाल की भी मंजूरी मिल गई है।

Thursday, 9 August 2012

नियमावली को अंतिम रूप दिया गया

आज के हिन्दुस्तान के लखनऊ संस्करण में समाचार  है की नियमावली को अंतिम रूप दिया गया .इसकी फोटो आप क्लिक करके देख सकते है .

Wednesday, 8 August 2012

रिट संख्या 76039 के 06-08-2011 आर्डर का हिंदी अनुवाद -

माननीय अरुण टंडन ,न्यायमूर्ति 
उत्तर प्रदेश राज्य  की ओर से एक शपथ पत्र  सचिव बेसिक शिक्षा,उ.प्र.सरकार ,लखनऊ  के द्वारा प्रस्तुत किया गया. शपथ पत्र के साथ कैबिनेट के निर्णय की प्रति जो की निदेशक बेसिक शिक्षा को मुख्य सचिव की ओर से २१-०७-२०१२ को सूचित की गयी है ,दस्तावेज के रूप में लाई गयी.
श्री सी,बी.यादव, विद्वान् अतिरिक्त महाधिवक्ता ,ने न्यायालय को सूचित किया कि कैबिनेट के निर्णय के अनुकूल नियमो में आवश्यक संशोधन किया जाना अभी बाकी है.श्री अशोक खरे ,विद्वान् वरिष्ठ अधिवक्ता ,ने यह बिंदु उठाया कि एक याचिका कैबिनेट निर्णय के तहत २१ जुलाई -२०१२ को  नोटिफाई किये गए आदेशो के विरूद्ध पहले से ही आवेदित की जा चुकी है. 
राज्य को   २५-०८-२०१२ तक परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापको की नियुक्ति  को विनियमित करने  वाले सांविधिक नियमो में अपनी  इच्छा अनुसार आवश्यक संशोधन करना  चाहिए.
इस प्रकार के दिशा निर्देश इस न्यायालय द्वारा मात्र इसलिए जारी किये जा रहे है क्योकि परिषदीय विद्यालयों में शिक्षको के भर्ती पिछले कई वर्षों से रुकी हुई है, प्रारंभिक तौर पर इस लिए की उचित विज्ञापन नहीं निकाला गया और बाद में राज्य द्वारा आयोजित की गयी अध्यापक पात्रता परीक्षा के सम्बन्ध में गंभीर विवाद प्रश्नगत हुए.
यह न्यायालय इस मुद्दे का भी अवश्य निपटारा करेगी  ताकि परिषदीय विद्यालयों  को उपयुक्त शिक्षक मिल सके, जहाँ पात्र  शिक्षको की भारी कमी है .
यह न्यायालय यहाँ यह भी स्पष्ट करना चाहती है कि इस कोर्ट द्वारा राज्य सरकार के कैबिनेट निर्णय के सम्बन्ध में कोई मत व्यक्त नहीं किया गया है. 
यह राज्य के लिए है कि वह संशोधन करने के पूर्व मामले के सभी पहलुओ की परीक्षा  करे और सब कुछ जो आवश्यक हो निश्चित रूप से अगली तिथि से पहले करे.राज्य सरकार्र द्वारा दाखिल शपथ पत्र में २५-०५-२०१२ के आदेश में पूछी गयी जानकारी के उत्तर अवश्य होने चाहिए.
इस मामले को २७-०८-२०१२ को सूचीबद्ध करे.इस कोर्ट द्वारा पारित अंतरिम आदेश अगली निर्धारित सूचीबद्ध तिथि तक परिचालन में रहेगा.

(माननीय अरुण टंडन, न्यायमूर्ति )  

अनुवाद साभार प्रियरंजन वर्मा 


यूपी बोर्ड से छिन सकता है टीईटी कराने का दायित्व

लखनऊ। यूपी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2012 के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। राज्य सरकार इस बार यूपी बोर्ड से टीईटी कराने का दायित्व लेकर किसी दूसरी संस्था को देने पर विचार सकती है। शासन में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से मिले प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुधवार को बैठक बुलाई गई है। प्रमुख सचिव सुनील कुमार की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के बाद बेसिक शिक्षा मंत्री रामगोविंद चौधरी को प्रस्ताव भेजा जाएगा, जो अंतिम निर्णय लेंगे।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद बेसिक स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यूपी में वर्ष 2011 में टीईटी आयोजित कराई गई थी। उस समय परीक्षा कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा परिषद को दी गई। परीक्षा के बाद अंक संशोधन के दौरान हुई गड़बड़ी के आरोप में तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, इतने विवादों के बाद भी टीईटी निरस्त नहीं की गई है। टीईटी का आयोजन प्रत्येक वर्ष जुलाई में किया जाना चाहिए, लेकिन इस बार देर होने की वजह से नवंबर 2012 में इसके आयोजन की तैयारी है। इससे पहले टीईटी कराने के लिए संस्था के चयन पर अंतिम निर्णय किया जाना है। इसलिए शासन स्तर पर बुधवार को बैठक बुलाई गई है।
•एससीईआरटी से मिले प्रस्ताव पर चर्चाआज


•साभार -अमर उजाला 

Monday, 6 August 2012

तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नियुक्ति से रोक हटी



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जयपुर। हाईकोर्ट ने शिक्षक पात्रता परीक्षा में 60 प्रतिशत से कम अंक वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में सामान्य वर्ग में नियुक्ति देने पर रोक हटा ली है। साथ ही, कहा कि नियुक्ति कोर्ट के आदेश से प्रभावित रहेगी, जिसका नियुक्ति पत्र में उल्लेख भी किया जाए।
न्यायाधीश मनीष भण्डारी ने पे्ररणा जोशी की याचिका पर सोमवार को यह अंतरिम आदेश दिया। प्रार्थीपक्ष ने कहा कि आरक्षित वर्ग वालों को शिक्षक पात्रता परीक्षा में 60 प्रतिशत से कम अंक पर उत्तीर्ण मान लिया है, इनमें से कुछ शिक्षक भर्ती में सामान्य वर्ग की मेरिट में आ रहे हैं। शिक्षक पात्रता परीक्षा में कम अंक पर उत्तीर्ण होने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती में उन्हीं की श्रेणी में नियुक्ति दी जाए।
राज्य सरकार के अतिरिक्त महाघिवक्ता एसएन कुमावत ने कहा कि इस याचिका के आधार पर पिछले दिनों कोर्ट द्वारा नियुक्ति पर लगाई रोक को हटाया जाए, शिक्षक पात्रता परीक्षा स्वतंत्र परीक्षा है। उसमें प्रमाण पत्र के लिए आरक्षित वर्ग को छूट दी है, जो हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने भी जायज मानी है।
इधर, तृतीय श्रेणी शिक्षक सीधी भर्ती परीक्षा है, इस परीक्षा में शिक्षक पात्रता परीक्षा के 20 प्रतिशत अंक जोडे जाएंगे। ऎसे में शिक्षक भर्ती परीक्षा में ज्यादा अंक के कारण वह सामान्य वर्ग में नियुक्ति का पात्र होता है, उसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। ऎसे अभ्यर्थियों की संख्या भी ज्यादा नहीं होगी,  ऎसे में नियुक्ति प्रक्रिया को नहीं रोका जाए। कोर्ट ने नियुक्ति की छूट देते हुए कहा कि राज्य सरकार नियुक्ति तो दे सकती है, लेकिन नियुक्ति पत्र में अंतिम निर्णय कोर्ट के फैसले के तहत होने का उल्लेख किया जाए। 
साभार राजस्थान पत्रिका 

Sunday, 5 August 2012

विशिष्ट बीटीसी वालों को करना होगा अभी इंतजार



लखनऊ। बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी करने के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करने वालों को शिक्षक बनने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। राज्य सरकार इन्हें नियुक्ति देने से पहले उत्तर प्रदेश अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन करेगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांग लिया गया है।
यूपी में पहले बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग करने वालों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक की सीधे नियुक्ति दी जाती रही है। पर यूपी में 27 जुलाई 2011 को शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी की ट्रेनिंग करने वालों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य कर दिया गया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले वर्ष 2004 के शेष बचे बीटीसी वालों व वर्ष 2007-08 के विशिष्ट बीटीसी करने वालों पर भी इसकी अनिवार्यता लागू हो गई। ऐसे अभ्यर्थियों ने टीईटी तो उत्तीर्ण कर ली है लेकिन उन्हें नियमावली बदलने के बाद ही सहायक अध्यापक बनाया जा सकेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि चूंकि पूर्ववर्ती सरकार ने शिक्षक बनने के लिए टीईटी की मेरिट को अनिवार्य किया था, लेकिन अब शैक्षिक मेरिट को अनिवार्य किया गया है। इसलिए नियमावली में संशोधन हुए बिना बीटीसी और विशिष्ट बीटीसी वालों को शिक्षक नहीं बनाया जा सकता है।
•नियमावली संशोधन होने के बाद ही बन सकेंगे शिक्षक

Saturday, 4 August 2012

स्कूलों की मनमानी पर लगेगी रोक




नई दिल्ली दाखिले के लिए मोटी फीस, डोनेशन, कैपिटेशन, शैक्षिक सत्र के बीच में ही फीस बढ़ा देना या फिर अपनी कोई शर्त मनमाने के लिए छात्रों-अभिभावकों को मजबूर करना। आने वाले समय में निजी स्कूलों के लिए यह सब आसान नहीं होगा। स्कूलों में हर तरह के गलत क्रियाकलापों को रोकने के लिए केंद्र सरकार कानून बनाने की तैयारी में है। कानून तोड़ने वालों को जुर्माना और सजा भुगतनी होगी। मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डी पुरंदेश्वरी की अगुवाई वाली केंद्रीय शिक्षा सलाहकार परिषद (केब) की उप समिति ने कानून का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति गठित कर दी है। राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन विश्वविद्यालय (न्यूपा) के कुलपति प्रो. आर गोविंदा की अध्यक्षता में बनी इस मसौदा समिति की दो बैठकें भी हो चुकी हैं। उम्मीद है कि उसमें स्कूलों की सारी मनमानियों को रोकने वाले विधेयक का मसौदा तय हो जाएगा। सूत्रों के मुताबिक इस कानून के बनाने के पीछे सरकार का मकसद स्कूलों में न सिर्फ छात्रों, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों तक का शोषण रोकना है। कानून बना तो कोई भी स्कूल ज्यादा फीस नहीं वसूल सकेगा। किसी एक निश्चित दुकान से किताब-कापी और यूनीफार्म खरीदने की शर्त नहीं लगा सकेगा। दाखिले से इन्कार नहीं कर सकेगा। अपने स्कूल, शिक्षकों की योग्यता या फिर पाठ्यक्रम के बारे में गलत जानकारी नहीं दे सकेगा। शिक्षकों को कम वेतन देकर उनसे ज्यादा भुगतान पर दस्तखत नहीं करा सकेगा। ऐसी भी शिकायतें आती हैं, जब स्कूल बीच सत्र में ही फीस बढ़ा देते हैं। या फिर कोई बहाना लेकर छात्र को टीसी देकर स्कूल से निकाल देते हैं। जबकि, जब छात्र खुद स्कूल छोड़ना चाहता है तो टीसी नहीं देते। सरकार प्रस्तावित कानून को लागू करने में सफल हुई तो यह सब नहीं होगा। सरकार की पूरी कोशिश सख्त कानून बनाने की है, जिसमें स्कूलों के गलत क्रियाकलापों के दोषी पाए जाने वालों को सजा व जुर्माना भुगतान पड़ेगा।
(साभार -दैनिक जागरण )

Tuesday, 31 July 2012

टीईटी पास ही बनेंगे जेबीटी शिक्षक



31 Jul 2012 04:01,
Tuesday, July 31, 2012 हिमाचल प्रदेश में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए नए नियम तैयार कर दिए गए हैं। विभाग के नए नियमों में टीईटी (टीचर एलिजीबिल्टी टेस्ट) की अनिवार्यता को लागू किया है। इसके तहत जेबीटी शिक्षक बनने के लिए भविष्य में टीईटी पास करना जरूरी होगा। टीईटी की मेरिट के आधार पर ही जेबीटी शिक्षकों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्तियां दी जानी हैं। इनकी मेरिट जिले के आधार पर ही बनेगी। जिले में जितनी सीटें खाली होंगी, उतनी सीटों के लिए मेरिट टीईटी में हासिल अंकों से तैयार की जाएगी। विभाग के प्रस्ताव को शीघ्र ही सरकार से मंजूरी मिलनी प्रस्तावित है। इसके बाद जेबीटी शिक्षक बनने के लिए पहली बार टीईटी की मेरिट को आधार बनाया जाएगा। प्रदेश में पहले दो साल जेबीटी प्रशिक्षण हासिल करने वाले प्रशिक्षुओं को बैच के आधार पर ही तैनाती दी जाती रही है। शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद विभाग ने टीईटी की शर्त को लागू किया है। इस मसले में चालू बैच को छूट देने का मामला विभाग ने तीन बार केंद्र सरकार से उठाया। एक बार प्रदेश के मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से उठाया था। इन प्रस्तावों पर जब सरकार को छूट नहीं मिली तो विभाग ने अब अपना नए भर्ती नियमों का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें पहली बार टीईटी की शर्त को शामिल किया है। इन नियमों के बाद पहली बार विभाग ने टीईटी की परीक्षा करवाकर भर्ती करने की तैयारी शुरू कर दी है।निदेशक एलीमेंटरी शिक्षा राजीव शर्मा ने माना कि टीईटी की शर्त को शामिल कर जेबीटी भर्ती के नियम तैयार किए हैं। इसे शीघ्र ही सरकार से मंजूरी मिलने के इंतजार है। इसके बाद टीईटी की परीक्षा का रिजल्ट आते ही जेबीटी प्रशिक्षुओं को नए नियमों के आधार पर तैनाती दी जाएगी।

Tuesday, 24 July 2012

72825 vs 28180

मित्रो जैसा की मेरे द्वारा लिखे गए पिछले लेख( इसे आप http://onlytetmerit.blogspot.in/2012/05/blog-post_14.html पर पढ़ सकते है ) के अनुसार ही इस सरकार ने टी.ई.टी, परीक्षा को नहीं निरस्त किया. अपितु अब टी ई.टी की मेरिट  को नहीं अपना कर शैक्षिक मेरिट  से चयन करने हेतु नया विज्ञापन लायेगी।अभी NCTE ने बी.एड . वालो को मान्यता नहीं दी है , पर अगर सैधांतिक मंज़ूरी मिल गयी है तो 3-4 माह में उ .प्र . सरकार ये मंजूरी हासिल कर लेगी।ये नया विज्ञापन लगभग लोक सभा चुनावों के पहले आएगा अर्थात अगर मध्यावधि चुनाव हुए तो अप्रैल 2013 में,अगर  नहीं हुए तो नवम्बर  2013 में।अब आइये जाने 72825 के सापेक्ष नए विज्ञापन में पदों की संख्या क्या होगी। सरकार कुल 172000 शिक्षा  मित्रो की भर्ती  करने जा रही है (इस जी.ओ . के अनुसार http://information.up.nic.in/View_Hindinews.aspx?id=204)
करीब 8000 vbtc-2008 और btc- 2004 के लोगो नियुक्ति अभी नहीं हुई  है .अर्थात शिक्षा मित्र और  vbtc- 2008 &btc-2004 मिलाकर हुए 180000 पद .वर्ष 2010 और 2011 के बी टी सी। अभ्यर्थियों की कुल संख्या 28000 होगी यदि इनमे 20000 भी टी.ई.टी पास कर ले ,(मेरा विश्वास है की आगामी टी ई. टी. में 100% परिणाम हुआ करेंगे।) तो शिक्षा मित्र ,vbtc 2008,btc 2004,2010, और 2011 मिलकर ये संख्या पहुचती है 200000.अब जरा नीचे  दी हुई सूची  पर गौर करे उसमे rte  के अनुसार 228180 पद खाली है(ये सूची आप उ.  प्र .सर्व शिक्षा अभियान की साईट  से लोड कर सकते है http://www.upefa.com/upefa/rte/PSATr.htm।यानि 28180 पद अब शेष बचेंगे बी.एड . वालो के लिए। नए विज्ञापन में सत्र 2011-12 के अभ्यर्थी जो पहले से ही टी.ई.टी. पास है(मेरे जानकारी में ऐसे बहुत लोग है) भी शामिल होंगे . अगर अगली टी ई.टी. होगी और कही नया विज्ञापन नवम्बर 2013 में आया तो 2012-13 बैच  के अभ्यर्थी भी शामिल हो जायेंगे नए विज्ञापन में।प्रत्येक संवर्ग(कला और विज्ञान ) में 14090 सीटे  होंगी .कला मे 7045 सीटे  ही पुरुषो के लिए होंगी।सामान्य पुरुष की कुल सीट 3522 होंगी।अब आप सहजता से अकादमिक मेरिट  का अनुमान लगाये।कुछ भाइयो का तर्क है की 12000 शिक्षक प्रतिवर्ष सेवा निवृत्त होते है तो भाइयो के लिए मेरा कहना है की सरकार सभी भर्तिया  अभी कर देगी तो क्या वह 2017 के विधान सभा चुनाव में झुनझुना बजाएगी।एक बात सदैव याद रखे कोई सरकार व्यापक पैमाने पर भर्ती  चुनावों के पहले ही लाती है।


Requirement of Additional  full-time teachers for Primary Schools as per RTE
S. No.District NameTotal entitlement  as per RTE *Total number of teachers availableNet Teachers requirement
1Agra831935644011
2Aligarh722232522840
3Allahabad1296849386282
4Ambedkar Nagar613728202603
5Auraiya349323080
6Azamgarh1190849443661
7Badaun1103838765812
8Baghpat22931466417
9Bahraich1149525397225
10Balia945536934530
11Balrampur623716283045
12Banda672526783043
13Barabanki942735544768
14Bareilly1054335555241
15Basti714924523175
16Bhadohi444821471435
17Bijnor905630754832
18Buland Shahar779333613265
19Chandauli559622261998
20Chitrakoot391114401804
21Deoria835533273479
22Etah532425571662
23Etawah378027850
24Faizabad609528902028
25Farrukhabad595021222552
26Fatehpur704146701769
27Firozabad572022702650
28Gautam Budha Nagar21091044551
29Ghaziabad406522681663
30Ghazipur870131623302
31Gonda1029523105420
32Gorakhpur945557822242
33Hamirpur336915771484
34Hardoi1431439258332
35Hathras466515642305
36Jalaun451621221740
37Jaunpur1275845855760
38Jhansi509119092270
39Jyotiba Phule Nagar500920672646
40Kannauj530118412660
41Kanpur Dehat (Ram Bai Nagar)525026321773
42Kanpur Nagar586833942325
43Kanshram Nagar423216272281
44Kaushambi506519092530
45Kushi Nagar (Padrauna)1029028355422
46Lakhimpur Kheri1415029769017
47Lalitpur467513252788
48Lucknow580528142917
49Maharajganj773218684598
50Mahoba31958911718
51Mainpuri548729262028
52Mathura50412950632
53Mau552828472248
54Meerut40502721528
55Mirzapur772226214160
56Moradabad1067440055693
57Muzaffar Nagar644226901956
58Pilibhit625619923579
59Pratapgarh848946352972
60Rai Bareilly867942402707
61Rampur714523283523
62Saharanpur578728311309
63Sant Kabir Nagar493413862420
64Shahjahanpur1055532235540
65Siddharth Nagar826326694300
66Sitapur1678830009440
67Sonebhadra631313294121
68Srawasti402112711769
69Sultanpur1105746144285
70Unnao866733183483
71Varanasi670240621616
Total511988198222228180
* As per Dise 2009.